हल्द्वानी, जुलाई 1 -- हल्द्वानी। सेना के एक जवान की संदिग्ध मौत के मामले में पुलिस की निष्क्रियता पर अदालत ने सवाल खड़े किए है। कोर्ट ने कड़ी फटकार लगाते हुए पीड़ित की ओर से दाखिल प्रार्थना पत्र को स्वीकार करते हुए कोतवाली हल्द्वानी को एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए हैं। मामला हल्द्वानी निवासी हरिश मेहरा की ओर से दायर प्रार्थना पत्र से जुड़ा है। अधिवक्ता अनिल धानक ने न्यायालय में हरिश चंद्र का पक्ष रखते याचिका में आरोप लगाया गया कि उनके पुत्र मनीष मेहरा जो भारतीय सेना में नायक पद पर तैनात थे, की अप्रैल 2025 में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई थी। परिवार का दावा है कि घटना आत्महत्या नहीं बल्कि संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का मामला है। इसके बावजूद हल्द्वानी कोतवाली में कई शिकायतें देने के बाद भी मुकदमा दर्ज नहीं किया गया। अपर न्यायिक मुख...