नई दिल्ली, फरवरी 2 -- अंदरूनी चोट को जल्दी ठीक करना हो या अच्छी नींद की हो ख्वाहिश, हल्दी वाला दूध, जिसे गोल्डन मिल्क भी कहा जाता है, पीढ़ियों से कई भारतीय घरों में सोने से पहले पीने की परंपरा बनी हुई है। गले की खराश से राहत देने से लेकर बेहतर नींद में मदद करने तक के लिए, इस पेय को लोग अक्सर घरेलू रामबाण उपाय की तरह देखते हैं। सेहत के लिए हल्दी वाले दूध के अनगिनत फायदों के बावजूद कई बार अनजाने में इसे बनाते समय की गई एक छोटी सी गलती सेहत को फायदों की जगह नुकसान पहुंचाने लगती है। ऐसे में 'गोल्डन मिल्क' के सेहत से जुड़े फायदों का पूरा लाभ उठाने के लिए हमने फोर्टिस हॉस्पिटल (गुड़गांव) के गैस्ट्रोएंटरोलॉजिस्ट डॉ. रिंकेश कुमार बंसल से जानने की कोशिश की आखिर क्या है हल्दी वाला दूध बनाने का सही तरीका और इसे बनाते समय लोग अक्सर क्या गलती करते हैं...
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