झांसी, जुलाई 3 -- झांसी। हल्दी की खेती किसानों की आय का आधार बन सकती है। यहां बुंदेलखंड की अर्ध-शुष्क जलवायु, अनियमित वर्षा तथा सीमित सिंचाई संसाधनों के बीच हल्दी की उन्नत खेती किसानों के लिए लाभकारी नकदी एवं औषधीय फसल के रूप में तेजी से उभर रही है। रानी लक्ष्मीबाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, झांसी के डॉ. ब्रिज बिहारी शर्मा ने बताया कि बुंदेलखंड क्षेत्र में खरीफ मौसम के दौरान हल्दी की खेती सफलतापूर्वक की जा सकती है। इसके लिए खेत में उचित जल निकास एवं नमी संरक्षण की व्यवस्था होना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि बीएसआर-1, एनडीएच-98 तथा राजेंद्र सोनिया हल्दी की उन्नत किस्में इस क्षेत्र के लिए उपयुक्त हैं, इनसे अधिक उत्पादन के साथ बेहतर गुणवत्ता भी प्राप्त होती है।

हल्दी की खेती के लिए उपयुक्त मिट्टी डॉ. अर्जुन लाल ओला ने बताया कि हल्दी की खेत...