लखनऊ, मई 14 -- केजीएमयू में बार-बार खराब हो रही लिफ्ट मरीजों के लिए जानलेवा साबित हो सकती हैं। इन लिफ्ट की मरम्मत समय पर नहीं हो रही है। ऐसा तब है जब हर साल करीब डेढ़ करोड़ रुपये लिफ्ट की मरम्मत पर खर्च किए जा रहे हैं। केजीएमयू में कुल 170 लिफ्ट हैं। जिनकी देखरेख पर डेढ़ करोड़ रुपये सलाना खर्च किए जा रहे हैं। इसके बावजूद लिफ्ट ठीक से काम नहीं कर रही है। कभी ओपीडी की लिफ्ट धोखा दे रही तो कभी लिंब सेंटर की। गांधी वार्ड, शताब्दी भवन और ट्रॉमा सेंटर की लिफ्ट भी आए दिन धोखा दे रही हैं। मरीज, तीमारदार से लेकर डॉक्टर तक को अक्सर लिफ्ट में फंसने की समस्या का सामना करना पड़ता है। जिससे उनकी सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। तमाम लिफ्ट 20 से 30 साल पुरानी हैं। इसकी वजह से समस्या और गंभीर हो गई है। प्रवक्ता डॉ. डॉ. केके सिंह का कहना है कि लिफ्ट ...