गोरखपुर, सितम्बर 11 -- गोरखपुर, कार्यालय संवाददाता। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय अब गांवों के विकास में सीधे भागीदारी करेगा। विश्वविद्यालय के प्रत्येक विभाग को एक-एक गांव गोद लेने की योजना बनाई जा रही है। इन गांवों में विभाग अपने विषय से जुड़ी विशेषज्ञता का इस्तेमाल करते हुए आउटरीच कार्यक्रम चलाएंगे। शिक्षा, शोध और नवाचार का लाभ ग्रामीणों तक पहुंचाने के साथ उनकी समस्याओं के समाधान पर भी काम होगा। यह बातें डीडीयू के कुलपति प्रो. केपी सिंह ने गुरुवार को 'हिन्दुस्तान' से बातचीत में साझा कीं। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय और समाज एक-दूसरे के पूरक हैं। विश्वविद्यालय में तैयार ज्ञान और विशेषज्ञता का लाभ समाज तक पहुंचना चाहिए। इसी उद्देश्य से विभागों को गांवों से जोड़ने की पहल की जाएगी। गांवों में नियमित कार्यक्रम आयोजित कर ग्रामीणों क...