नई दिल्ली, जनवरी 14 -- अमेरिकी इतिहासकार बारबरा डब्ल्यू टचमैन ने कहा है कि पुस्तकें सभ्यता की वाहक होती हैं। इनके बिना इतिहास मौन है, साहित्य गूंगा, विज्ञान अपंग, विचार और अटकलें स्थिर हैं। पुस्तकें परिवर्तन का इंजन होती हैं, दुनिया की खिड़कियां और समय के समुद्र में खड़ा प्रकाशस्तंभ हैं। इन दिनों राजधानी दिल्ली के प्रगति मैदान स्थित 'भारत मंडपम' में विश्व पुस्तक मेला चल रहा है। यह साहित्यिक उत्सव है, जो अगले रविवार (18 जनवरी) तक चलेगा। मालूम हो कि इस मेले में 35 से अधिक देशों के 1,000 से ज्यादा प्रकाशक शिरकत कर रहे हैं। इस मेले की खासियत यहां होने वाले साहित्यिक आयोजन हैं। इस बार करीब 600 कार्यक्रम होंगे, जिनमें लेखकों से संवाद और पुस्तकों का विमोचन तो होगा ही, कार्यशालाएं भी आयोजित की जाएंगी। दिल्ली का यह पुस्तक मेला बिल्कुल अलग एहसास देत...
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