नई दिल्ली, जून 3 -- नई दिल्ली। विशेष संवाददाता सुप्रीम कोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि तकनीकी विकास ने हर मोबाइल फोन काो 'वर्चुअल जुआघर' में तब्दील कर दिया है। शीर्ष अदालत ने ऑनलाइन सट्टेबाजी और बड़े पैमाने पर जुए के प्रचलन को सार्वजनिक व्यवस्था, सार्वजनिक शांति और सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए एक गंभीर खतरा बताते हुए यह टिप्पणी की है। यह भी पढ़ें- सट्टेबाजों की 86 अवैध वेबसाइट एसटीएफ ने की ब्लॉकसुप्रीम कोर्ट की चेतावनी जस्टिस जेबी पारदीवाला और आर महादेवन की पीठ ने हाल ही में पारित अपने फैसले में कहा है कि 'लोगों में ऑनलाइन मनी गेमिंग की लत, आर्थिक नुकसान और इसके परिणामस्वरूप होने वाली आत्महत्याओं के मामले में निश्चित तौर पर प्रभाव डालता है। पीठ ने कहा है कि ऐसी गतिविधियों से जुड़े सामाजिक नुकसानों का सार्वजनिक व्यवस्था से जुड़ी चिंत...