नई दिल्ली, अक्टूबर 12 -- राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) के अध्यक्ष पूर्व (रिटायर्ड) वी. रामसुब्रमण्यम ने सोमवार को कहा कि भारत के प्रधान न्यायाधीश के पद पर आसीन व्यक्ति को हर दिन, बल्कि हर मिनट 'अग्निपरीक्षा' से गुजरना पड़ता है और ऐसा जरूरी नहीं कि हर बार परीक्षा लेने वाले सच्चे ही हों। यहां विज्ञान भवन में एनएचआरसी के 33वें स्थापना दिवस पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने यह भी कहा कि भारत के प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) का पद देश का ''सबसे महत्वपूर्ण, सबसे शक्तिशाली, सबसे सक्रिय और साथ ही सबसे संवेदनशील पद'' बन गया है। उन्होंने ये टिप्पणियां उस समय कीं, जब कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भारत के प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत मंच पर मौजूद थे। एनएचआरसी अध्यक्ष ने कहा, ''भारत के प्रधान न्यायाधीश का पद ऐसा है, जिस पर आसीन व्यक्ति को हर दि...