झांसी, नवम्बर 4 -- महारानी लक्ष्मी बाई मेडिकल कालेज में हर दिन हजारों की तादाद में लोग कतार में दवा ले रहे हैं। यहां पर एक माह में करीब सवा करोड़ की दवा का औसत वितरण किया जा रहा है। मेडिकल कालेज में बजट बढ़ने के बाद हर साल दवाओं के लिए 13 करोड़ खर्च किए जा रहे हैं। वहीं 12 करोड़ रुपयों में मुफ्त जांचों के लिए बजट स्वीकृत किया जा रहा है। मेडिकल के अधिकारी खुद इस बात को स्वीकार करते हैं कि कभी यही बजट महज तीन से पांच करोड़ के बीच सालाना हुआ करता था। उस समय लोग संतुष्ट थे। अब जब हर महीने करोड़ रुपए की दवा का वितरण शासन की मंश के अनुरूप किया जा रहा है। इसके बाद भी लोग असंतुष्ट हैं। लोगों का कहना है कि कई बार उन्हें बाहर से दवाईयां खरीदनी पड़ती हैं। जबकि मेडिकल प्रशासन का दावा है कि कुछ दवाओं को छोड़ दें तो लगभग सभी श्रेणी की दवाईयां लोगों को ...