हर महीने करीब 1 टन बिक रहा डिजिटल गोल्ड, खरीदने में क्या-क्या हैं रिस्क
नई दिल्ली, अप्रैल 29 -- भारत में सोना खरीदने का तरीका पूरी तरह बदल गया है। अब न तो ज्वेलरी शॉप पर जाना जरूरी है और न ही ईटीएफ (ETF) में निवेश करना। लोग यूपीआई ऐप से बैठे-बिठाए Rs.100 का भी डिजिटल गोल्ड खरीद रहे हैं। इस बदलाव की सबसे बड़ी वजह है मुंबई की स्टार्टअप कंपनी सेफगोल्ड। यह कंपनी फोनपे, क्रेड, जियोफाइनेंस, अमेजन, तनिष्क, भारतपे, जुपिटर और मोबिक्विक जैसे ऐप्स के अंदर डिजिटल गोल्ड खरीदने का इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध कराती है। सेफगोल्ड हर दिन 37 लाख ट्रांजेक्शन और हर महीने करीब 1 टन सोना बेचता है।कैसे काम करता है डिजिटल गोल्ड? सेफगोल्ड की सह-संस्थापक रिया चटर्जी कहती हैं, "नौ साल पहले आप घर बैठे सोना नहीं खरीद सकते थे। हमने कोशिश की कि सोने की असली बचत (फिजिकल गोल्ड) का फायदा डिजिटल तरीके से मिले।" सबसे खास बात यह है कि सेफगोल्ड सीधे ग्...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.