नई दिल्ली, सितम्बर 30 -- प्रयागराज, अभिषेक मिश्र आबकारी विभाग के कामकाज में अफसरों की गैरमौजूदगी अब सरकारी खजाने पर भी भारी पड़ रही है। पता चला है कि प्रयागराज स्थित आबकारी मुख्यालय से फाइलें अधिकारियों के हस्ताक्षर के लिए लखनऊ स्थित कैंप कार्यालय भेजी जा रही हैं। इसके लिए हर महीने करीब डेढ़ लाख रुपये तक खर्च होने की बात सामने आ रही है। फाइलों की आवाजाही का यह खर्च लगातार कई महीनों से होने का दावा किया जा रहा है। नियमानुसार आबकारी आयुक्त समेत विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को सप्ताह में कम से कम तीन दिन प्रयागराज के मम्फोर्डगंज स्थित मुख्यालय में बैठकर विभागीय कामकाज की निगरानी करनी चाहिए लेकिन सूत्र बताते हैं कि आबकारी आयुक्त और अन्य वरिष्ठ अधिकारी पिछले कई महीनों से प्रयागराज मुख्यालय नहीं आए हैं। ऐसे में स्थानीय स्तर पर निस्तारित होने वाली...