लखनऊ, जून 11 -- बच्चे और बड़े तेजी से फैटी लिवर की गिरफ्त में आ रहे हैं। हर तीसरा व्यक्ति फैटी लिवर की चपेट में हैं। इसकी वजह से लिवर से जुड़ी तमाम तरह की बीमारियां पनप रही हैं। यह जानकारी पीजीआई निदेशक डॉ. आरके धीमान ने गुरुवार को संस्थान के हेपेटोलॉजी विभाग की ओर से विश्व नॉन-अल्कोहलिक स्टीटो-हेपेटाइटिसग्लोबल दिवस पर आयोजित जागरूकता संगोष्ठी में दी। उन्होंने बताया कि ये बीमारी मुख्य रूप से जीवनशैली से जुड़ी होती हैं। इसके जोखिम कारक ज़्यादा वज़न और शारीरिक रूप से निष्क्रिय जीवनशैली है। नियमित व्यायाम, फलों, सब्ज़ियों व साबुत अनाज से भरपूर संतुलित आहार लेकर इससे बचा जा सकता है। कार्यक्रम का उदघाटन संस्थान के डीन डॉ. शालीन कुमार व डॉ. अमित गोयल ने किया। इलाज में अनदेखी जानलेवा हो सकती यह भी पढ़ें- समय रहते फैटी लिवर की नहीं की पहचान और इल...