जमशेदपुर, अगस्त 8 -- झारखंड के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में छात्र संघ चुनाव की प्रक्रिया में बड़े बदलाव किए गए हैं। झारखंड राज्य विश्वविद्यालय अधिनियम में संशोधन के आधार पर अब छात्र संघों के गठन और प्रतिनिधित्व में व्यापक बदलाव को लागू कर दिया गया है। नए नियमों के तहत विश्वविद्यालय से लेकर महाविद्यालय स्तर तक छात्र संघों में प्रतिनिधित्व के ढांचे में बदलाव करते हुए छात्र संघ में एक सीट एसटी-एससी या पिछड़े वर्ग के प्रतिनिधि के लिए अनिवार्य कर दी गई है। इसी के साथ एक सीट छात्राओं के लिए भी अनिवार्य रूप से निर्धारित कर दी गई है। इसका मतलब यह कि छात्र संघ कॉलेज स्तर का हो या विश्वविद्यालय स्तर का, इसमें एसटी-एससी एवं महिलाओं के लिए एक-एक प्रतिनिधित्व अनिवार्य होगा।

छात्र संघ चुनाव में बदलाव झारखंड राज्य विश्वविद्यालय अधिनियम-2026 के अनुसार...