हर कालसर्प दोष एक जैसा नहीं होता! जानिए कौन-सा दोष देता है सबसे ज्यादा परेशानी
नई दिल्ली, जुलाई 28 -- वैदिक ज्योतिष में काल सर्प दोष एक गंभीर दोष माना जाता है। कुंडली में जब सभी ग्रह राहु और केतु के बीच आ जाते हैं, तो यह दोष बनता है। बहुत से लोग इसे एक ही प्रकार का समझते हैं, लेकिन वास्तव में इसके 12 अलग-अलग प्रकार होते हैं। हर प्रकार का प्रभाव जीवन पर अलग-अलग पड़ता है। इनमें से कुछ दोष सामान्य परेशानी देते हैं, जबकि कुछ जीवन को काफी कठिन बना सकते हैं। आइए विस्तार से जानते हैं।काल सर्प दोष क्या होता है? ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जब जन्म कुंडली में राहु और केतु के बीच बाकी सभी ग्रह आ जाते हैं, तो काल सर्प दोष का निर्माण होता है। काल का मतलब समय या मृत्यु और सर्प का मतलब सांप है। इसलिए इसे सर्प काल भी कहा जाता है। यह दोष व्यक्ति के जीवन में नकारात्मक ऊर्जा पैदा करता है और सफलता के रास्ते में बार-बार बाधा डालता है। मे...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.