आगरा, दिसम्बर 19 -- सरकारी हो या निजी अस्पताल, किसी भी परिस्थिति में महिला की बच्चेदानी निकालने के कारण बताने होंगे। इसके साथ हर माह की दो तारीख तक सभी अस्पतालों को हेल्थ मैनेजमेंट इन्फार्मेशन सिस्टम (एचएमआईएस) की रिपोर्ट सबमिट करनी पड़ेगी। अन्यथा की स्थिति में इकाई का पंजीकरण अस्थायी रूप से निरस्त कर दिया जाएगा। सीएमओ डा. अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि बच्चेदानी के आपरेशन वाले मामले बहुत बढ़ गए हैं। आशंका है कि तमाम अस्पताल बिना जरूरी कारण के ऐसा कर रहे हैं। ऐसे में मरीजों का शारीरिक के साथ आर्थिक नुकसान भी हो रहा है। जबकि संक्रमण या दूसरी दिक्कतों के बहुत गंभीर होने पर ही ऐसा किया जाना चाहिए, इसलिए सरकार इस पर सख्ती कर रही है। अब 45 साल या उससे कम उम्र की हर महिला पर यह लागू होगा। प्रसव होने के बाद भी अगर ऐसा किया गया है तो इसका कारण बताना...