रुद्रपुर, जुलाई 16 -- पंतनगर, संवाददाता। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के उत्तराखंड प्रांत प्रचारक डॉ. शैलेंद्र ने कहा कि हरेला केवल एक लोकपर्व नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और भारतीय संस्कृति का संदेश देने वाला जनआंदोलन है। उन्होंने कहा कि प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता और संरक्षण की भावना को जन-जन तक पहुंचाना समय की आवश्यकता है। गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में आयोजित 'हरित यज्ञ' कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय द्वारा 50 हजार पौधे लगाने का संकल्प तभी सार्थक होगा, जब उनके संरक्षण की भी समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने चिपको आंदोलन की प्रेरणास्रोत गौरा देवी, पर्यावरणविद् चंडी प्रसाद भट्ट, सच्चिदानंद भारती और अमृता देवी बिश्नोई के योगदान का स्मरण करते हुए कहा कि प्रकृति संरक्षण की यह विरासत आज भी समाज क...