मधुबनी, अप्रैल 29 -- घोघरडीहा। प्रखंड नोडल कृषि समन्वयक विकास कुमार ने किसानों से खरीफ सीजन से पहले खेतों में हरी खाद की फसल बोने की अपील की है। उन्होंने कहा कि हरी खाद मिट्टी के लिए संजीवनी का काम करता है , जिससे खेत की उर्वराशक्ति कई गुना बढ़ जाती है , और जलधारण क्षमता में भी उल्लेखनीय सुधार होता है। उनके अनुसार ढैचा, सनई, मूंग और लोबिया जैसी फसलों का 40 _45 दिन तक उगाकर खेत में जोत देना हरी खाद कहलाता है। कहा कि हरी खाद के कई फायदे हैं। ढैचा और सनई की जड़ों में मौजूद राइजोबियम बैक्टीरिया वायुमंडल से नाइट्रोजन लेकर मिट्टी में जोड़ते हैं। यह भी पढ़ें- हरी खादों का प्रयोग करके बढ़ाएं उत्पादन: डॉ रामजीत एक एकड़ में 25_30 किलो यूरिया के बराबर नाइट्रोजन मिलती है। हरी खाद सड़कर 4_5 टन जैविक पदार्थ देती है, जिससे मिट्टी उपजाऊ बनती है। मिट्टी की जल ध...