वाराणसी, दिसम्बर 28 -- वाराणसी, वरिष्ठ संवाददाता। अध्ययन बताते हैं कि भारत मे मात्र 40% लोग दूध पचा सकते है। मगर कुछ जातियां ऐसी भी हैं, जिसमें शत प्रतिशत लोग दूध पचा पाते हैं। एक हालिया अध्ययन में सामने आया है कि हरियाणा के रोर समुदाय में लैक्टोज पर्सिस्टेंस (दूध पचाने की क्षमता) भारत के अन्य समुदायों से काफी ऊंची है। वैज्ञानिक अध्ययनों से पता चलता है कि यह विशेषता उनके प्राचीन डीएनए से जुड़ी हुई है। ओलंपिक विजेता जेवलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा भी इसी समुदाय से हैं। ऑस्ट्रेलिया के सिडनी से वाराणसी आए रोर समुदाय के वैज्ञानिक अनुराग कादियान ने शनिवार को इस अध्ययन के विषय में जानकारी दी। अनुराग कादियान ने बीएचयू के वैज्ञानिकों के साथ रोर समुदाय की आनुवंशिक विरासत पर साझा शोध किया। उन्होंने बताया कि रोर समुदाय प्राचीन इंडस वैली सभ्यता में पश्चिमी...
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