बागेश्वर, जून 11 -- देवेंद्र, गरुड़। कभी देश-दुनिया में पहचान बनाने वाली उत्तराखंड की पहाड़ी चाय आज अनियमितताओं और उपेक्षा का शिकार होती नजर आ रही है। वर्ष 2022-23 में स्पेशल कंपोनेंट योजना के तहत हरिनगरी टी फैक्ट्री के रूप में मिनी चाय फैक्ट्री को नई दिशा मिली थी। उस समय विकासखंड के करीब 400 परिवारों ने चाय बागान तैयार कर चाय उत्पादन के जरिए रोजगार की उम्मीद जगाई थी, लेकिन वर्ष 2026 आते-आते चाय काश्तकारों की उम्मीदें टूटने लगी हैं। यह भी पढ़ें- हरिनगरी चाय बागान के काश्तकारों की टूटने लगी उम्मीद

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