बलिया, फरवरी 16 -- सुखपुरा। संत हरिहरानंद महाराज ने बताया कि हरि कीर्तन कलियुग में आध्यात्मिक जागृति, मानसिक शांति और ईश्वर से जुड़ने का सबसे सरल व सशक्त माध्यम है। कस्बा स्थित हरेन्द्र नाथ उपाध्याय के आवास पर रविवार की शाम प्रवचन में महाराज ने श्रद्धालुओं को बताया कि हरि राम संकीर्तन मन को शुद्ध करता है, सकारात्मक ऊर्जा बढ़ाता है और भक्ति व प्रेम भाव को जगाकर आत्मा को परमात्मा से जोड़ता है, जिससे जीवन के दुखों से मुक्ति मिलती है। हरि कीर्तन का महत्व और लाभ मानसिक शांति और सकारात्मकता कीर्तन से मन शांत होता है, अवसाद कम होता है तथा घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। सामूहिक कीर्तन से समाज में एकता, प्रेम और करुणा की भावना बढ़ती है। इस मौके पर जिला सहकारी बैंक बलिया के चेयरमैन विनोद शंकर दूबे, पूर्व चेयरमैन अशोक कुमार पाठक,अमित उपाध्य...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.