विकासनगर, जनवरी 14 -- शिशु विद्या मंदिर डाकपत्थर में चल रही भागवत कथा का बुधवार को समापन हुआ। अंतिम दिन की कथा में कथा वाचक ने भगवान श्रीकृष्ण के 16,108 विवाहों का वृतांत प्रस्तुत किया तथा सुदामा चरित्र का भावपूर्ण वर्णन किया, जिसे सुनकर श्रोता भावविभोर हो उठे। कथा के दौरान कथा व्यास डॉ. सुनील पैन्यूली ने बताया कि सुदामा बारह गुणों से संपन्न एक ब्राह्मण थे और वे भगवान श्रीकृष्ण के बचपन के मित्र थे। चार चने अधिक खा लेने की कथा के माध्यम से सुदामा के जीवन में आई गरीबी का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि अत्यंत अभाव में रहने के बावजूद सुदामा ने कभी अपने मित्र कृष्ण से कुछ मांगने का विचार नहीं किया।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.