नई दिल्ली, सितम्बर 12 -- भाद्रपद मास की तृतीया को हरतालिका तीज का व्रत इस साल 14 सितंबर को रखा जाएगा। इस साल उदया तिथि में हरतालिका तीज व्रत रखा जाता है। हरतालिका तीज का व्रत में प्रदोष काल में पूजा की जाती है। इस दिन हस्त नक्षत्र को बहुत खास माना जाता है। हरतालिका तीज में व्रत प्रदोष काल का महत्व है। इस दिन शिव और मां पार्वती की प्रदोष काल में पूजा होती है। शिव और मां पार्वती को फूलों से सजाकर मिट्टी की मूर्ति बनाई जाती है। इसके बाद कथा पढ़ते हैं और महिलाएं निर्जला व्रत करती हैं। आइए पढ़ें इस व्रत की कथाकथा इस प्रकार है- भगवान शिव अपने गणों के साथ कैलाश पर्वत पर मौजूद थे। मां पार्वती भी उनके साथ थी। इसके बाद मां पार्वती ने उनसे पूछा-स्वामी मैं बहुत धन्य हुई कि मुझे आप जैसा वर मिला। लेकिन मेरी जानने की इच्छा है कि मैंने ऐसा क्या पुण्य किय...