हरतालिका तीज में प्रदोष काल में पढ़ें मां पार्वती की आरती- जय पार्वती माता
नई दिल्ली, सितम्बर 14 -- हरतालिका तीज में पूजा का खास महत्व है। भगवान शिव की पूजा खास तौर पर प्रदोष काल में होती है। भगवान शिव का एक व्रत भी है प्रदोष व्रत, इसलिए शाम के समय पूजन कर कथा पढ़नी चाहिए, इसका बड़ा महत्व है। हरतालिका तीज में महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र को लेकर सोमवार यानी आज हरतालिका तीज का व्रत रखेंगी।शाम को जब सूर्य अस्त हो रहे हैं और तो बीच के समय को प्रदोष काल कहते है, इस समय में महिलाएं भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करें और अखंड सुहाग की कामना करें। इस दिन मिट्टी से शिवजी की प्रतिमा बनाई जाती है और उसकी की पूजा होती है। महिलाएं शिवजी से और गौरा मां से सुहाग दान भी लेती हैं। इसके बाद आरती की जाती है। इसमें भगवान शिव और मां पार्वती दोनों की आरती जरूरी है। कहते हैं कि मां पार्वती ने शिवजी को पाने के लिए कठोर तपस्या की, ...
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