नई दिल्ली, सितम्बर 1 -- हिंदू धर्म में तीज के कई व्रत हैं, पर हरतालिका तीज की अपनी पहचान है। यह पर्व भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया को आता है। तीज के कई व्रत होते हैं, लेकिन हरतालिका तीज खास माना जाता है। मुख्य रूप से यह सुहागिन महिलाओं का व्रत है। वे निर्जला रहकर पति की लंबी आयु की कामना करती हैं। फिर भी कुंवारी लड़कियां भी इस दिन व्रत रखती हैं। इसकी जड़ माता पार्वती की तपस्या से जुड़ी मानी जाती है।हरतालिका तीज क्यों मनाया जाता है? हरतालिका तीज माता पार्वती को समर्पित है। मान्यता है कि उन्होंने भगवान शिव को पति रूप में पाने के लिए कठिन व्रत और तप किया था। उसी प्रसंग से इस तीज का महत्व बढ़ा। सुहागिन स्त्रियां इस दिन अखंड सौभाग्य की प्रार्थना करती हैं और शिव-पार्वती का आशीर्वाद मांगती हैं। कुंवारी कन्याओं के लिए भी यह उतना ही प्रभावी ...