नई दिल्ली, अक्टूबर 21 -- रिजवान, हरिद्वार हरिद्वार हरकी पैड़ी पर बुधवार सुबह गंगा जल विहीन दिखाई दी। पानी नहीं होने से स्नान और धार्मिक अनुष्ठान के लिए पहुंचे श्रद्धालुओं को मायूस होना पड़ा। अस्थि विसर्जन समेत दूसरे कर्मकांड भी प्रभावित हुए। जिस हरकी पैड़ी पर गंगा में डुबकी लगाने के लिए सुबह से श्रद्धालुओं की भीड़ जुटती है, वहां लोग नदी की तलहटी में पैसे, सोना और चांदी तलाशते नजर आए। इसके पीछे की वजह क्या है? दरअसल, दशहरा के बाद हर साल गंगा बंदी की जाती है। इस दौरान गंगा की सफाई की जाती है। हालांकि अनुबंध के अनुसार हरकी पैड़ी पर गंगा में 200 क्यूसेक जल रखना अनिवार्य है। अधिकारियों के अनुसार, अगले हरिद्वार में कुंभ कार्य भी होने हैं। इसलिए गंगा की सफाई के लिए हरकी पैड़ी जल विहीन की गई है। गंगनहर भी 18 दिनों के लिए बंद दूसरी ओर हरिद्वार में...