नई दिल्ली, दिसम्बर 10 -- नई दिल्ली। विशेष संवाददाता राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बुधवार को लोगों से यह समझने की अपील की कि मानवाधिकारों की रक्षा करना 'सिर्फ सरकारों, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग या या ऐसे दूसरे संस्थानों की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि साथी नागरिकों के अधिकारों और सम्मान की रक्षा करना 'साझा कर्तव्य' है।' मानवाधिकार दिवस पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) द्वारा आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि 'यह हमें यह याद दिलाने का मौका है कि यूनिवर्सल ह्यूमन राइट्स को बदला नहीं जा सकता और वे एक न्यायपूर्ण, बराबर और दयालु समाज की नींव हैं।' भारत मंडपम में आयोजित कार्यक्रम में राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि 'आज, मैं हर नागरिक से यह पहचानने की अपील करती हूं कि मानवाधिकार सिर्फ सरकारों, एनएचआरसी, सिविल सोसाइटी...
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