नई दिल्ली, फरवरी 16 -- सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को बलात्कार और शादी के वादे से जुड़े एक मामले में जमानत याचिका की सुनवाई करते हुए शादी से पहले शारीरिक संबंधों पर कड़ी टिप्पणी की। न्यायमूर्ति बीवी नागरत्ना और न्यायमूर्ति उज्ज्वल भुयान की पीठ ने एक ऐसे व्यक्ति की जमानत याचिका पर सुनवाई की, जिस पर पहले से विवाहित होने के बावजूद एक महिला से शादी का वादा करके उसके साथ शारीरिक संबंध बनाने और फिर दूसरी महिला से शादी करने का आरोप लगा है। सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति नागरत्ना ने कहा कि शादी से पहले शारीरिक संबंध बनाने से पहले सावधानी बरतनी चाहिए। इस दौरान उन्होंने कहा कि हो सकता है हम पुराने विचारों वाले हों, लेकिन शादी से पहले लड़का और लड़की एक-दूसरे के लिए अजनबी होते हैं। उनके रिश्ते में चाहे जितने भी उतार-चढ़ाव आएं, हमें समझ नहीं आता कि शादी से प...