नई दिल्ली, अक्टूबर 2 -- राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख ने अखिल भारतीय विहार सेवा समूह के 14वें सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि दुनिया विकास और पर्यावरण संरक्षण, व्यक्तिगत स्वतंत्रता और पारिवारिक जीवन, तथा धार्मिक आस्था और संघर्ष के बीच विरोधाभासों से जूझ रही है। उन्होंने कहा, "जैसे-जैसे विकास बढ़ता है, पर्यावरण को नुकसान पहुंचता है। वहीं, जहां पर्यावरण की रक्षा करनी होती है, वहां विकास नहीं हो पाता। जैसे-जैसे व्यक्तिगत स्वतंत्रता बढ़ती है, परिवार बिखर रहे हैं। समाज में भी विघटन हो रहा है।"भारत से ही निकलेगा रास्ता भागवत ने कहा कि भारत की ऐतिहासिक परंपरा रही है कि वह दूसरे देशों पर जीत हासिल किए बिना या लोगों का धर्मांतरण किए बगैर अपना ज्ञान साझा करता रहा है। उन्होंने कहा, "दुनिया जानती है कि रास्ता भारत से निकलेगा।" उन्होंने क...