नई दिल्ली, अक्टूबर 15 -- जंतर-मंतर को अधिकृत विरोध-प्रदर्शन स्थल की सूची से हटाए जाने के फैसले के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को केंद्र सरकार को नोटिस जारी करते हुए जवाब मांगा। बेंच ने कहा कि वह यह जांच करेगी कि क्या यह फैसला मुख्य रूप से कोर्ट द्वारा की गई टिप्पणियों के कारण लिया गया था, या फिर यह उस जगह को स्वतंत्र मूल्यांकन के आधार पर चुना गया है। जिसके बाद CJI (भारत के मुख्य न्यायाधीश) जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की बेंच ने इस फैसले को चुनौती देने वाली एक याचिका पर संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी किया। सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि जंतर-मंतर को विरोध-प्रदर्शन स्थल के रूप में डी-नोटिफाई करने का फैसला 9 अक्टूबर को कोर्ट द्वारा प्रदर्शनों के लिए ...