नई दिल्ली, मार्च 18 -- मनोज पंत,पूर्व कुलपति एवं वरिष्ठ अर्थशास्त्री हर जंग की एक कीमत होती है। अमेरिका-इजरायल और ईरान युद्ध की भी है। हालांकि, अन्य देशों को इससे कितना नुकसान हो रहा है, इसका आकलन इससे होगा कि यह युद्ध विश्व अर्थव्यवस्था को कितना प्रभावित कर रहा है। इस लिहाज से देखें, तो ईरान युद्ध का बेशक कुछ परोक्ष असर है, लेकिन विश्व व्यवस्था इससे बहुत अधिक प्रभावित नहीं हो रही। इसके कुछ कारण हैं। दरअसल, ईरान आर्थिक प्रतिबंधों की वजह से तेल के सिवाय बहुत ज्यादा वैश्विक व्यापार नहीं करता। विश्व आर्थिकी में उसका योगदान बमुश्किल 0.3 से 0.7 प्रतिशत है, जिसमें तेल की हिस्सेदारी ही सबसे अधिक है। रही बात अमेरिका की, तो उसकी क्षमता काफी ज्यादा है, इसलिए आर्थिक मुश्किलों को झेलना फिलहाल उसके लिए आसान है। हां, ईरान की आर्थिक स्थिरता, स्थानीय जनज...