देहरादून, दिसम्बर 17 -- हम आज भी वन अधिकार के तहत जमीन के राजस्व पट्टे का इंतजार कर रहे हैं। जंगल पर आश्रित हमारे समाज को सामुदायिक वन अधिकार भी अभी तक नहीं मिला। यह बात दून लाइब्रेरी में राजी समुदाय की ओर से आयोजित कार्यक्रम में राजी जनजाति के प्रतिनिधि युवक युवतियों ने कही। राजी समुदाय का समावेशी विकास के तहत बुधवार को दून लाइब्रेरी में आयोजित सेमिनार में राजी जनजाति के प्रतिनिधि युवक युवतियों ने शहर के नागरिक समाज के सामने अपनी बात रखी। कार्यक्रम की शुरुआत राजी युवक-युवतियों के जनगीत के साथ हुई। इसके साथ ही प्रथम सत्र का आगाज 'हमारी कहानी हमारी जुबानी' के साथ हुआ। इस सत्र में राजी युवा ललित सिंह रजवार ने राजी जनजाति के इतिहास से लेकर वर्तमान तक की यात्रा का जिक्र किया।कविता देवी ने जड़ी बूटियों को लेकर राजियों के ज्ञान और उनके उपयोग पर...
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