पिथौरागढ़, दिसम्बर 16 -- उच्च हिमालयी क्षेत्रों में रहने वाले भालू अमूमन जड़ी-बूटी खाते हैं, लेकिन बीते कुछ समय से उन्हें नमक, चावल, आटे आदि खाद्य सामग्री का स्वाद भालुओं को बेहद भा रहा है। शोकीन यह भालू इनका स्वाद चखने को बंद घरों के ताले तक तोड़ रहे हैं। चीन सीमा के पास उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में धारचूला और मुनस्यारी के माइग्रेशन गांवों में इन दिनों भालुओं ने आतंक मचाया हुआ है। ठंड शुरू होने के बाद इन गांवों में रहने वाले लोग निचले इलाकों की तरफ लौटने लगे हैं। भालुओं के आतंक से त्रस्त महिलाओं ने अब सरकार को चेतावनी दी है कि उन्हें भालू मारने की अनुमति दी जाए। धारचूला दारमा घाटी में भालुओं के आतंक से परेशान महिलाओं ने प्रशासन से उन्हें मारने की अनुमति देने की मांग की है। 90 किमी से अधिक दूरी तय कर पहुंची महिलाओं ने गुहार लगाई कि भाल...