गोपालगंज, मार्च 15 -- उचकागांव, एक संवाददाता । हमारे ठाकुर बांके बिहारी संहारक भी है, उद्धारक भी हैं और रणछोड़ भी हैं। कंस के अत्याचार से मुक्ति दिलाने के लिए हमारे बांके बिहारी ने वृंदावन से मथुरा जाकर उसका वध किया। उक्त बातें प्रखंड के कैथवलिया सोमेश्वर महादेव मंदिर के प्रांगण में चल रहे श्री रुद्र महायज्ञ के सातवें दिन कथावाचक दीदी प्रियंका चौधरी ने कथा सुनाते हुए कहीं। उन्होंने कहा कि भगवान के हाथों वध होने से कंस जैसे राक्षस का भी उद्धार हो जाता है। वहीं का बदला लेने के लिए कंस के ससुर जरासंध ने मथुरा पर 17 बार चढ़ाई की। जिसमें भगवान बांके बिहारी ने जरासंध के साथ आए अन्य राक्षसों का वध करने के बाद जरासंध को जीवित छोड़ दिया था। वहीं अंत में जरासंध की चढ़ाई और लड़ाई से बचाने के लिए मथुरा वासियों को लेकर समुद्र किनारे भगवान ने द्वारिका ...