जयपुर, मार्च 8 -- रविवार की सुबह सांगानेर और बगरू क्षेत्र में एक अलग ही तस्वीर देखने को मिली। आम दिनों की तरह सड़कों पर सिर्फ वाहनों की आवाजाही नहीं थी, बल्कि हजारों लोग अपने घरों को बचाने की उम्मीद लेकर सड़कों पर उतर आए थे। किसी के हाथ में तख्ती थी, तो किसी के चेहरे पर अपने आशियाने को खोने का डर साफ दिखाई दे रहा था। 30-40 साल पुराने घरों पर मंडरा रहे खतरे के खिलाफ 87 कॉलोनियों के लोग एकजुट होकर शांति मार्च में शामिल हुए और सरकार से राहत की मांग की।महिलाओं और बुजुर्गों की बड़ी भागीदारी सुबह होते-होते श्योपुर चौराहे पर लोगों की भीड़ जुटने लगी। महिलाएं, बुजुर्ग, युवा और बच्चे-हर वर्ग के लोग इस मार्च में शामिल हुए। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के दिन आयोजित इस विरोध प्रदर्शन में महिलाओं की बड़ी भागीदारी देखने को मिली। कई महिलाएं अपने छोटे बच्चों...