मुंबई, जुलाई 8 -- मुंबई में बारिश के बाद हुए जलभराव के बाद बंबई उच्च न्यायालय ने जनता पर ही सवाल उठा दिए हैं। कोर्ट ने कहा है कि नागरिकों को BMC यानी बृहन्मुंबई महानगर पालिका को दोष देना बंद कर देना चाहिए। दरअसल, कोर्ट में जस्टिस अतिक्रमण, बंद नाले जैसे मुद्दों की ओर इशारा कर रहे थे। हाल ही में हुई लगातार बारिश के चलते मुंबई और पुणे समेत कई शहरों में जलभराव की स्थिति पैदा हो गई थी। हाई कोर्ट में कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश रविंद्र वी घुगे और जस्टिस गौतम अंखड़ की बेंच ने डिपार्टमेंट ऑफ एनर्जी को नोटिस जारी किया है। दरअसल, यह कदम BMC की याचिका पर उठाया गया है, जिसमें कहा गया था कि सायन-ट्रांबे मार्ग पर अपने हिस्से से अतिक्रमण हटा दिया गया और बची हुई जमीन DAE की है। इस याचिका के जरिए सड़क को चौड़ी करने के लिए जमीन देने का अनुरोध किया गया था।भड...