भागलपुर, मई 10 -- सुल्तानगंज। निज संवाददाता हमारा संकल्प शक्ति अगर अच्छा हो तो भगवद प्राप्ति असंभव नहीं है। अपनी माता सुनीति व गुरु नारद जी के उपदेश को आत्मसाथ कर के मात्र 6 वर्ष के उम्र में ध्रुव ने भगवान का दर्शन कर लिया। उक्त बातें भीरखुर्द पंचायत स्थित उधाडीह स्टेडियम में भागवत कथा के दूसरे दिन अयोध्या से पधारे नीरज महाराज ने प्रवचन के दौरान कही। उन्होंने कहा कि अपनी छोटी मां के कठोर वाणी से दुखी होकर भगवद प्राप्ति की ओर बढ़े। आज परिवार में शांति व्यवस्था कायम न रहने का एक कारण कठोर वाणी है। बाहर तो हमारा ब्यवहार बढ़िया होता पर घर में घर के लोगों से ही बात बिगड़ी रहती है। यह भी पढ़ें- भगवान शिव जहर पीकर भी महादेव बने:नीरज ऐसा नहीं होना चाहिए, अच्छी वाणी और व्यवहार की शुरुआत घर से होनी चाहिए, तभी परिवार में शांति बनी रह सकती है। ध्रुव जी ...