देवरिया, जून 18 -- देवरिया, वाचस्पति मिश्र/संजय यादव। होर्मुज के समीप ओमान में अमेरिकी हमले में मारे गए शिवानंद चौरसिया के साथी अमरेंद्र उस मंजर को याद कर सिहर उठते हैं। वे गुरुवार को शिवानंद के अंतिम संस्कार में अपने साथी त्रिभुवन चौहान के साथ पहुंचे थे। दोनों लोग 10 जून को शिप पर ही थे जब अमेरिकी हमला हुआ था। इन दोनों को रेस्क्यू में बचा लिया गया था। जिले के बैतालपुर विकास खंड के बेलही तिवारी के रहने वाले अमरेंद्र चौहान मर्चेंट नेवी में नवंबर 2025 से तैनात हैं। अमरेंद्र ने बताया कि 10 जून की सुबह हम तीनों ने एक साथ नाश्ता किया। सात बजे से शिवानंद की ड्यूटी थी, इसलिए वह इंजन की तरफ चले गए जबकि हम दोनों अभी वहीं बैठे थे। हम लोगों की ड्यूटी आठ बजे से थी। लगभग साढ़े सात बजे शिप के पीछे से दो बड़ा विस्फोट हुआ, पूरी जहाज हिल गई। आग और धुएं का...