नई दिल्ली, सितम्बर 23 -- सुप्रीम कोर्ट ने बारिश के दौरान गुरुग्राम में होने वाले जलभराव पर सख्त टिप्पणी की। मंगलवार को सीजेआई वाली पीठ ने कहा कि बारिश के दौरान गुरुग्राम में जलभराव से सिस्टम पूरी तरह इसलिए ठप हो जाता है, क्योंकि वहां ड्रेनेज-सीवेज सिस्टम जैसे इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने पर न तो ध्यान दिया गया और न ही निवेश किया गया। शीर्ष अदालत ने ग्रेटर नोएडा का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां हालात अलग हैं, क्योंकि उसे अगले 30-40 सालों को ध्यान में रखकर कार्ययोजना बनाई गई थी। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने कर्नाटक हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देने वाली अपील पर सुनवाई करते हुए यह टिप्पणी की। जिसमें राज्य सरकार की प्रीमियम फ्लोर एरिया रेश्यो (एफएआर) स्कीम को सही ठहराया गया था। यह भी पढ़ें- गु...