विकासनगर, अप्रैल 2 -- ईरान, इजराइल और अमेरिका युद्ध के कारण विगत कई दिनों से पछुवादून में चल रही गैस किल्लत का असर अब और गहराने लगा है। घरों के साथ ही सार्वजनिक आयोजनों पर भी गैस किल्लत का असर दिख रहा है। गुरुवार को हनुमान जयंती पर विभिन्न मंदिरों में हुए भंडारों पर इसका असर साफ देखा गया। अक्सर हर भंडारे में कढ़ी,चावल के साथ पूरी और आलू की सब्जी परोसी जाती थी। लेकिन इस बार अधिकतर भंडारों में कढ़ी-चावल ही श्रद्धालुओं का परोसा गया। साथ ही सभी जगह भंडारे का खाना गैस चूल्हों की जगह लकड़ी में पकाया गया। युद्ध का असर अब धीरे-धीरे और गहराने लगा है। खासकर कॉमर्शियल गैस सिलेंडरों की आपूर्ति ठप होने के कारण सार्वजनिक आयोजनों, भंडारों के साथ ही होटल, रेस्टोरेंट, ढाबों पर इसका बड़ा असर देखा जा रहा है। कई होटल, ढाबे और खोखे, बंद हो चुके हैं। जबकि इनसे...