बरेली, जून 19 -- श्री हरि मंदिर मॉडल टाउन में हो रही श्रीराम कथा के पांचवें दिन व्यास पंडित आशीष मिश्र ने श्रोताओं को बताया कि युद्धकांड में हनुमानजी का योगदान अमूल्य है। जब लक्ष्मण मूर्छित होते हैं, तो हनुमानजी संजीवनी बूटी लाने हिमालय पर्वत की ओर उड़ते हैं। समय की कमी के कारण वे पूरा पर्वत ही उठा लाते हैं। यह उनकी गति, समर्पण और निर्णय क्षमता को दर्शाता है। इस कार्य से लक्ष्मण का जीवन बचता है और राम की सेना को शक्ति मिलती है। हनुमान जी केवल युद्ध के योद्धा नहीं, बल्कि शांति, नीति और संवाद के भी ज्ञाता हैं। वे विभीषण को श्रीराम की शरण में लाने वाले पहले व्यक्ति थे। उन्होंने राम और विभीषण के मध्य विश्वास स्थापित किया, जिससे रावण के विरोध में लंका में एक नैतिक शक्ति का उदय हुआ। कथा श्रवण करने वालों में सुशील अरोरा, रवि छाबड़ा, अतुल कपूर, य...
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