हनुमानगढ़ी गए, लेकिन रामलला के दर्शन नहीं किए; शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने खुद बताई वजह
संवाददाता, जुलाई 18 -- स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने शनिवार को कहा कि जब तक अयोध्या का राम मंदिर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और भाजपा के कार्यालय जैसी स्थिति से मुक्त नहीं होता, वह वहां दर्शन करने नहीं जाएंगे। स्वामी ने कहा कि उनकी दृष्टि में वर्तमान व्यवस्था में रामलला का वास्तविक स्वरूप वहां स्थापित नहीं है। उन्होंने दावा किया कि जिस रामलला विराजमान के पक्ष में न्यायालय का निर्णय आया था, वर्तमान में वही स्वरूप मंदिर में विराजमान नहीं है। वहां एक काल्पनिक मूर्ति की पूजा की जा रही है। उन्होंने अयोध्या के संतों से आह्वान किया कि वह आंदोलन कर राम मंदिर को राजनीतिक प्रभाव से मुक्त कराएं।अयोध्या के संतों की समिति बने- अविमुक्तेश्वरानंद अयोध्या में बाईपास किनारे धर्मू पुरवा स्थित गेस्ट हाउस में आयोजित पत्रकार वार्ता में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने स...
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