सुल्तानपुर, मार्च 19 -- सुलतानपुर। जानलेवा हमले का आपराधिक षडयंत्र रचने और अन्य आरोपों में जेल भेजे गए पूर्व मंत्री राणा अजीत प्रताप सिंह, उनके पुत्र अभिजीत प्रताप सिंह और बड़े भाई अजय प्रताप सिंह का असलहों तथा कारतूस के सम्बंध में लगाए गए आरोपों में रिमांड कोर्ट ने मंजूर कर लिया है। विवेचक की मांग पर रिमांड पर सुनवाई के लिए तीनों को जेल से वीडियो कांफ्रेंसिंग से पेश करने का आदेश सीजेएम नवनीत सिंह ने जेल अधिकारियों को दिया था। अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आर्म्स एक्ट की धारा में तीनों की रिमांड स्वीकार कर लिया है। अखंडनगर थाने के कल्यानपुर निवासी जिलाजीत यादव ने 15 मार्च की सुबह नौ बजे की घटना में पूर्व मंत्री राणा अजीत प्रताप सिंह समेत अन्य पर मुकदमा दर्ज कराया था। मामले में पूर्व मंत्री समेत 11 आरोपी जेल भेजे जा चुके हैं। अन्य आर...