जमशेदपुर, अगस्त 6 -- बर्मामाइंस निवासी आफताब आलम हत्याकांड में हर दिन नए खुलासे हो रहे हैं। परिजनों का दावा है कि आफताब की हत्या की साजिश एक महीने पहले रची गई थी। हत्या से कुछ दिन पहले ही उन्हें अपनी जान पर खतरे की जानकारी मिल गई थी। इसके बाद भी अपराधियों ने उन्हें मार डाला। परिजनों के अनुसार, 14 जुलाई को आफताब के बड़े बेटे अयान का जन्मदिन था। उसी दिन भोंदू नामक युवक उनके घर पहुंचा था। बताया जाता है कि शहबाज उर्फ भोंदू, आफताब के बेटे का दोस्त था। घर आने के दौरान उसने कथित तौर पर बताया था कि आफताब की हत्या की सुपारी दी गई है। यह जानकारी मिलने के बाद आफताब ने शाहरुख से सीधे पूछताछ की थी कि क्या उसने उनकी हत्या की सुपारी दी है। परिजनों का आरोप है कि उस समय शाहरुख ने साफ तौर पर इनकार कर दिया था। हालांकि बाद में उसी पर हत्या की सुपारी दिलाने क...