लखनऊ, जून 18 -- लखनऊ, विशेष संवाददाता। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने बिजली निगमों में कार्यरत संविदा कर्मियों की लगातार बिगड़ती कार्य परिस्थितियों पर गहरी चिंता व्यक्त की है। समिति के संयोजक शैलेंद्र दुबे ने निजीकरण के नाम पर हटाए गए 25000 से अधिक संविदा कर्मियों को तत्काल नौकरी पर वापस लिए जाने की मांग की है। समिति पदाधिकारियों ने कहा है कि सभी संविदा कर्मियों के लिए प्रतिदिन अधिकतम 8 घंटे से अधिक की ड्यूटी न ली जाए, प्रत्येक संविदा कर्मी को सप्ताह में एक दिन सवेतन अवकाश दिया जाए। अवकाश अथवा निर्धारित समय से अतिरिक्त कार्य लेने पर ओवरटाइम का भुगतान किया जाए। यह भी पढ़ें- ऊर्जा निगमों के संविदा कर्मचारियों को आउटसोर्स निगम में शामिल करें : संघर्ष समिति सभी संविदा कर्मियों को गुणवत्तापूर्ण सुरक्षा उपकरण, प्रशिक्षण एवं आवश्यक संस...