औरैया, फरवरी 27 -- औरैया, संवाददाता। भोजन जीवन का आधार है, लेकिन जब यही आधार मिलावट से दूषित हो जाए तो यह वरदान के बजाय अभिशाप बन जाता है। जिले में खाद्य सुरक्षा विभाग की लगातार कार्रवाई के बावजूद मिलावटखोरी पर पूरी तरह अंकुश नहीं लग पा रहा है। विभागीय आंकड़े बताते हैं कि पिछले पांच वर्षों में जिले भर से लिए गए 1001 नमूनों में से 557 नमूने जांच में फेल पाए गए। यह स्थिति खाद्य सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है। त्योहारों के दौरान विभाग की सक्रियता और बढ़ जाती है। दूध, घी, तेल, मसाले और मावा जैसे खाद्य पदार्थों के सैंपल लिए जाते हैं। औसतन विभाग हर महीने करीब 20 नमूने अलग-अलग कस्बों से लेता है। बावजूद इसके मिलावटखोरी का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। विभागीय रिकॉर्ड के अनुसार वित्त वर्ष 2024-25 में सबसे अधिक 264 नमूने लिए गए, जिनमें...
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