धनबाद, मार्च 18 -- धनबाद, विशेष संवाददाता।  झारखंड के विभिन्न प्रखंड व विभागों में 15वें वित्त आयोग के अंतर्गत कार्यरत लेखा लिपिक सह कंप्यूटर ऑपरेटर, जूनियर इंजीनियर समेमत अन्य संवर्गों के हजारों कर्मियों का कार्यकाल 21 मार्च को खत्म हो रहा है। अल्प मानदेय पर काम करने वाले कर्मियों के भविष्य पर तलवार लटकी है। धनबाद विधायक राज सिन्हा ने मंगलवार को विधानसभा में यह मामला उठाया। विधायक ने कहा कि बीते पांच से 10 वर्षों से लगातार अल्प मानदेय पर कार्य कर राज्य के विकास कार्यों को गति देने में भूमिका निभा रहे कर्मियों का भविष्य असुरक्षित है। आश्चर्य की बात है कि झारखंड सरकार कर्मियों के भविष्य को लेकर पूरी तरह उदासीन है। विधायक ने मांग की कि सभी कर्मियों के कार्यकाल का तत्काल विस्तार किया जाए तथा उनके मानदेय में सम्मानजनक वृद्धि सुनिश्चित की जाए।...