हजारीबाग, जून 20 -- हजारीबाग हमारे प्रतिनिधि हजारीबाग जिले में सांपों का निकलना शुरू हो गया है, जिससे सर्पदंश के मामलों में वृद्धि दर्ज की जा रही है। पिछले कुछ दिनों में ग्रामीण इलाकों से ऐसी कई घटनाएं सामने आई हैं, जहां समय पर इलाज न मिल पाने के कारण पीड़ितों की जान खतरे में पड़ गई। स्वास्थ्य विभाग ने इसे लेकर अलर्ट जारी कर दिया है। जिले के स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि सर्पदंश के मामलों में सबसे बड़ी बाधा अब भी अंधविश्वास है। कई लोग सांप के काटने पर अस्पताल जाने के बजाय ओझा-गुणी या झाड़फूंक के चक्कर में कीमती समय गंवा देते हैं। सिविल सर्जन हजारीबाग ने स्पष्ट किया है कि सर्पदंश के बाद का गोल्डन ऑवर यानी पहला एक से दो घंटा जीवन बचाने के लिए सबसे महत्वपूर्ण होता है। इस समय में झाड़फूंक के पीछे भागना घातक साबित हो सकता है。 यह भी पढ़ें-...