मुरादाबाद, जून 20 -- शहर की लाल मस्जिद में जमीयत अहले सुन्नत के तत्वावधान में आयोजित दस दिवसीय ज़िक्र-ए-शहीदान-ए-कर्बला के छठे दिन शनिवार की रात अमीरुल मोमिनीन हज़रत मौला अली की शान, अज़मत और सीरत-ए-मुबारका के विभिन्न पहलुओं पर मुफ़्ती मोहम्मद दानिश क़ादरी ने बयान किया। मुफ़्ती मोहम्मद दानिश क़ादरी ने कहा कि हज़रत मौला अली की महानता को केवल उनकी वीरता या अहले बैत से संबंध तक सीमित नहीं किया जा सकता। वे ज्ञान, न्याय, त्याग, इबादत और मानव सेवा की ऐसी समग्र व्यक्तित्व के धनी थे। जिनकी ज़िंदगी का प्रत्येक पहलू आज भी मानवता के लिए मार्गदर्शन का स्रोत है। उन्होंने कहा कि रसूल-ए-अकरम हज़रत मोहम्मद की विशेष परवरिश और निकटता ने हज़रत मौला अली के व्यक्तित्व को ऐसा बनाया कि उनका नाम आते ही ज्ञान, निर्भीकता, न्यायप्रियता और सत्यनिष्ठा की छवि सामने आ ...