वाराणसी, जनवरी 3 -- वाराणसी, कार्यालय संवाददाता। शिया समाज ने हजरत अली की यौम-ए-विलादत (जयंती) हर्षो उल्लास के साथ मनाई। दरगाह -ए-फातमान में मौला अली के रौजे को भव्य रूप से सजाया गया था। नियाज और फातिहा के साथ चरागा हुआ। इसमें अकीदतमंदों ने खिराज-ए-अकीदत पेश की। हजरत अली समिति की ओर से दरगाहे फातान में सर्व धर्म सम्मेलन हुआ। मुफ्ती-ए-बनारस अब्दुल बातिन नोमानी ने कहा कि हजरत अली के अदल (न्याय) की दुनिया में कोई नजीर नहीं। उन्होंने कहा कि आज जरूरत है कि हुक्मरान उनके किये गए फैसलों से सबक लें ताकि दुनिया से जुल्म का खात्मा हो और इंसाफ कायम हो। काशी विद्यापीठ के प्रो. मुहम्मद आरिफ ने हजरत अली के जीवन और उनके इंसानियत के जज्बे पर प्रकाश डाला। तिब्बत यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. वांगचुक दोर्जे नेगी ने भी विचार व्यक्त किए। संचालन डॉ. शफीक हैदर न...