अमरोहा, मार्च 11 -- अमरोहा, संवाददाता। अमीर-उल-मोमिनीन हजरत अली इब्ने अबितालिब अलैहिस्सलाम की शहादत पर सोमवार रात शहर के विभिन्न इमामबाड़ों और मस्जिदों में मजलिसों का आयोजन किया गया। शिया धर्मगुरुओं ने दामाद-ए-रसूल की शहादत का पूरा वाक्या सुनाया तो मजलिस में मौजूद लोगों की आंख नम होती गईं, लोग दहाड़े मार मारकर रोने लगे। धर्मगुरुओं ने आपकी दी गई तालीम के मुताबिक जिंदगी गुजारने का पैगाम देते हुए कर्बला का दर्द लोगों में आम करने की सीख दी।रमजान के मुकद्दस महीने की 19वीं से 21वीं शब तक शिया समुदाय द्वारा गमगीन माहौल में नम आंखों से इमाम अली को याद किया जाता है। इसी सिलसिले में सोमवार रात शहर के मोहल्ला जाफरी स्थित इमामबाड़े में आजा-ए-अमीरूल मोमनीन शीर्षक से मजलिस का आयोजन किया गया। जिसे खिताब करते हुए अलीगढ़ से आए हुए मौलाना डॉ.एजाज कायमी ने ह...